Saturday, November 26, 2011

आधुनिक सामाजिक भारत के प्रणेता महात्मा जोतीराव फुले

॥ ख्रिस्त,  महमद, मांग,  ब्राह्मणाशी,  धरावे पोटाशी बंधुपरी ॥
- महात्मा जोतीराव फुले
 
एकात्म राष्ट्रवाद हाच फुलेवाद...
- लोकबंधु महादेवजी जानकर
( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष )
 
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आधुनिक सामाजिक भारत के प्रणेता
महात्मा जोतीराव फुले
 
भारत मे अनेक साधू , संत,  ऋषि,  मुनि हुए,
ईश्वर अवतारित हुए, ऐसा कहा जाता है...
 
लेकिन अर्वाचीन भारत मे
आम भारतीय जनता के जीवन को
सही मायने मे आकार तथा आधार
जिनके कार्य-कर्तुत्व से मिला
उस महामानव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
आम हिन्दू समाजके लिए
ज्ञान का दरवाजा खुले करनेवाले
महा-ज्ञानदेव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
शुद्र मानकर (ब्राह्मणी सहित )
जिन्हें ज्ञानसे वंचित रखा गया
उन 50% महिलाओंके लिए
ज्ञान का दरवाजा
भारतमे सबसे पहिले खोलनेवाले
महापुरुष का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
ब्रिटिश राजपुत्र ड्यूक ऑफ़ कॅनोट को
पुनाके ( 2 मार्च 1888 ) प्रतिष्टित लोगोंसे भरी सभा में
Salvation of India lies...
Only in Education, Education and Education...
ऐसा कहनेका धैर्य रखनेवाले
महान धैर्यधर का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
भारत की पहिली लेबर मूवमेंट चलानेवाले
भारतके प्रथम लेबर लिडर नारायण मेघाजी लोखंडे के
महागुरु का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
जिनके विचारोंके मार्गपर चलकर
‘राजर्षि’ के सन्मान तक पहुचे
उस छत्रपती शाहू महाराजाके
मार्गदर्शक का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
" जी हाँ,  मै महात्मा जोतीराव फुले का अनुयायी हूँ.
इस देश का, इस देश की जनता का हित 
तथा उज्वल भविष्य
केवल फुले विचारो में
फुलेवाद में है "
ऐसे बड़े आत्मविश्वास से कहनेवाले
बाबासाहेब डॉ. भिमराव आंबेडकरजी के
महागुरु का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
प्राचीन, मध्य युगीन, अर्वाचीन
तथा आधुनिक भारत के इतिहासमें
"आधुनिक सामाजिक भारत के प्रणेता"
"Father of Modern Social India"
इस नाम से भारत के ही नहीं
बल्कि दुनिया के इतिहास में लिखना पड़ेगा,
उस महान युगपुरुष का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
पुरान मतवाद और नव मतवाद तथा
उसके सुवर्ण मध्यको पकड़ने वाले
मध्यममार्गी मतवाद को लेकर
हिन्दू, मुस्लिम, पारसीओं मे संघर्ष छिड़ा था,
तब सत्य क्या है,  असत्य क्या है
इसका शोध करने वाले
सत्य शोधक समाज की स्थापना करनेवाले
महानुभाव का नाम है, महात्मा जोतीराव फुले.
 
अलग जाती, संप्रदाय, भाषा तथा धर्मावलाम्बिओंको
आदि - अंती और मध्यमी
कल्याणकारी
सार्वजनिक सत्यधर्म देनेवाले
धर्मात्मा का नाम है,  महात्मा जोतीराव फुले.
 
- एस. एल. अक्कीसागर
 
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28 नवंबर 2011
महात्मा जोतीराव फुले स्मृति दिन के उपलक्ष्य में
उनकी स्मृति तथा विचारोंको
फुलेवाद को
विनम्र अभिवादन !
 
 देश के कोने - कोने में
फुलेवाद का नारा
यह रा.स.प का वादा...
- लोकबंधु महादेवजी जानकर
  ( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष )
 
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{ 1888 - मुंबईतील कोळीवाडा येथील जनतेने जोतीराव फुले यांचा सत्कार करून त्यांना 'महात्मा' ही पदवी प्रदान करण्यात आली. }
























Tuesday, November 22, 2011

नाम मेरे समाज का क्या है ?


 














मैं हूं कौन ?

मैं हूं कौन ? मेरा नाम क्या है ?
कोई बताये.....
नाम मेरे समाज का क्या है ?
इतिहास, मेरे समाज का क्या है ?
अगर नाम मैं ही उलझे है,
तो समझ ले की, इतिहास हम खोये है !!

कोई कहता....
हम गड़ेरिया नहीं , गड आर्य है !
हम गद्दी नहीं, बघेल वंश के है !
हम पशु पाल नहीं , पाल क्षत्रिय है !
कोई कहे, हम कुरि-गार है !
कोई कहे , हम दना-कार है !
कोई कहे , हम कुरुवंशी है !
कोई कहे, हम यदुवंशी है !

कोई कहता...
कुरुबा नहीं, हम हालमत वाले है !
भरवाड नहीं , हम मालधारी है !
रबारी नहीं, राहबर है!
महाराष्ट्र के धनगर नहीं , इंदूर के होलकर है !
तमिलनाडु के कुरुम्बन हम, आंध्रा के कुरुमा है !

तो कोई कहे....
हम तो धन के आगर - धनगर है !
महाराष्ट्र के धनगर सही, इंदूर के हम होलकर है !
भारत के भूपाल हम , हम तो शेफर्ड इंटरनेशनल है !

कोई कहता...
चंद्रगुप्त ही हमारा इतिहास है !
कोई कहता...
होलकर ही हमारा अतीत है !
कोई कहे...
बड़ोदा नरेश हमारी शान है !
तो कोई कहे...
होयसल राज हमारा गौरव है !
तो कोई कहता है....
विजयनगर के हम सम्राट है !
मैसुर के राजा हम, कुरुनाडू नरेश है !

अगर हमारा अतीत गौरवशाली है,
तो इतिहास हमारा गुम सा क्यों है ?
मैं हूँ कौन ? मेरा नाम क्या है ?
नाम मेरे समाज का क्या है ?
इतिहास मेरे समाज का क्या है ?


बरसोंसे.... शायद सदियोंसे ....चर्चा एक ही जारी है...
अगर नाम मैं ही उलझे है,
तो समझ ले की, इतिहास हम खोये है !!
पुरखोने इतिहास बनाया था !
लिखनेवाला कोही और था !
इतिहास हम बनायेंगे, इतिहास भी हम लिखेंगे !!

फुरसत में, हाँ.... फुरसत में,
कबर भी खोदेंगे, इतिहास भी ढूंढेग़े !
मुर्दे में एक बार फिर, जान भी हम फूकेंगे !
इतिहास में खोया हुवा हमारा नाम भी ढूंढेग़े !
फुरसत में, हाँ... फुरसत में ये सब हम जरुर करेंगे !!

अब समय आया है... हाँ, अब समय आया है...
भविष्य को देखे, वर्तमान को बनाये !
मुर्दों को नहीं, जिंदों को चलाये !!

आओ...आओ , हम सब मिलकर एक ऐसा जहाँ बनाये ,
जहाँ सब हो स्वतंत्र , जहा सब हो समान !
जहाँ सब में हो बंधुता ! सबको मिले न्याय !
एक ऐसा ' अशोक राज ' बनाये !!  

आओ...आओ , हम सब मिलकर एक ऐसा काम करे !
एक ऐसा इतिहास रचे ,
जो नाम हमारा रोशन करे ! इतिहास समाज का अमर करे !  

हम सब ये जान ले , मन में हम ये ठान ले....
इतिहास तो अब बनाना है !

-- कवी / लेखक / पत्रकार
एस . एल अक्कीसागर
(
प्रेसिडेंट, ऑल इंडिया रिझर्व बैंक ओ. बी .सी एम्पलाइज वेलफेअर असोसीएशन)
(
इनकी लिखित, सत्यशोधक - दंडनायक संत कनकदास  पुस्तिकासे साभार...1998 में सर्वप्रथम प्रकाशित)

 
















ನಾನು ಯಾರು?
ನಾನ್ಯಾರು? ನನ್ನ ಹೆಸರೇನು?
ಹೇಳುವಿರಾ...
ನನ್ನ ಸಮಾಜದ ಹೆಸರೇನು?
ನನ್ನ ಸಮಾಜದ ಇತಿಹಾಸವೇನು?
ಹೇಳುವಿರಾ...
ಹೆಸರಿನ ಗೊಂದಲದಲ್ಲೇ ಇದ್ದರೆ
ತಿಳಿದುಕೊಳ್ಳಿ ಇತಿಹಾಸವನ್ನು ನಾವು ಕಳೆದುಕೊಂಡಿರುವೆವು.

ಕೆಲವರು ಹೇಳುತ್ತಾರೆ .....
ನಾವು ಗಡೇರಿಯಾ ಅಲ್ಲ, ಗಡ ಆರ್ಯ ಎಂದು
ನಾವು ಗದ್ಧಿ ಅಲ್ಲ, ಬಗ್ಹೇಲ್ ವಂಶದರೆಂದು
ನಾವು ಪಶುಪಾಲರಲ್ಲಾ, ಪಾಲ್ ಕ್ಷತ್ರಿಯರೆಂದು
ಕೆಲವರೆನ್ನುತ್ತಾರೆ, ನಾವು ಕುರಿಗಾರ್ ಎಂದು
ಕೆಲವರೆನ್ನುತ್ತಾರೆ, ನಾವು ದನ-ಗಾರ್ ಎಂದು
ಕೆಲವರೆನ್ನುತ್ತಾರೆ, ನಾವು ಕುರುವಂಶಿಯರೆಂದು
ಕೆಲವರೆನ್ನುತ್ತಾರೆ, ನಾವು ಯದುವಂಶಿಯರೆಂದು

ಕೆಲವರು ಹೇಳುತ್ತಾರೆ.....
ಕುರುಬರಲ್ಲ ನಾವು ಹಾಲುಮತದವರೆಂದು
ಭರವಾಡರಲ್ಲ ನಾವು ಮಾಲಧಾರಿಗಳೆಂದು
ರಾಬರಿ ಅಲ್ಲ ರಹಬಾರ್ ಎಂದು
ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರದ ಧನಗಾರ್ ಅಲ್ಲ, ಇಂದೋರ್ ನ ಹೊಲ್ಕರ್ ಎಂದು
ತಮಿಳುನಾಡಿನ ಕುರುಂಬನ್ ನಾವು, ಆಂಧ್ರದ ಕುರುಮ ನಾವು.

ಮತ್ತೊಬ್ಬರು ಹೇಳಿದರು
ನಾವು ದನದ ಆಗರ - ದಂಗರ್ ಎಂದು
ಮಹಾರಾಷ್ಟ್ರದ ದಂಗರ್, ಇಂದೋರ್ ನ ಹೊಲ್ಕರ್ ನಾವು
ಭಾರತದ ಭೂಪಾಲ್ ನಾವು, ಮತ್ತು ಅಂತರ್ರಾಷ್ಟೀಯ ಶೆಫರ್ಡ್ ನಾವು

ಕೆಲವರು ಹೇಳುತ್ತಾರೆ
ಚಂದ್ರಗುಪ್ತನೇ ನಮ್ಮ ಇತಿಹಾಸವೆಂದು
ಹೊಲ್ಕರ್ ನಮ್ಮ ಅತೀತವೆಂದು
ಬಡೋದಾ ನರೇಶ್ ನಮ್ಮ ಪ್ರತಿಷ್ಠೆಎಂದು
ಹೊಯ್ಸಳ ರಾಜ ನಮ್ಮ ಗೌರವವೆಂದು

ಮತ್ತೊಬ್ಬರೆನ್ನುತ್ತಾರೆ
ವಿಜಯನಗರ ಸಾಮ್ರಾಟರು ನಾವು
ಮೈಸೂರಿನ ರಾಜರು ನಾವು, ಕುರುನಾಡ ನರೇಶರು ನಾವೆಂದು

ನಮ್ಮ ಅತೀತ ಗೌರವಶಾಲಿಯಾಗಿದ್ದಲ್ಲಿ
ನಮ್ಮ ಇತಿಹಾಸದಲ್ಲಿ ನೀರವತೆ ಏಕೆ?
ನಾನು ಯಾರು? ನನ್ನ ಹೆಸರೇನು?
ನನ್ನ ಸಮಾಜದ ಹೆಸರೇನು
ನನ್ನ ಸಮಾಜದ ಇತಿಹಾಸವೇನು?

ಹಲವಾರು ವರ್ಷಗಳಿಂದಾ....ಶತಾಬ್ಧಗಳಿಂದಾ ..... ಈ ಚರ್ಚೆ ಜಾರಿಯಲ್ಲಿದೆ
ಹೆಸರಿನ ಗೊಂದಲದಲ್ಲೇ ಸಿಲುಕಿದ್ದರೆ
ತಿಳಿದುಕೊಳ್ಳಿ, ನಾವು ಇತಿಹಾಸವನ್ನು ಕಳೆದುಕೊಳ್ಳುತ್ತೇವೆ
ಪೂರ್ವಜರು ಇತಿಹಾಸ ಸೃಷ್ಟಿಸಿದರು
ಅದನ್ನು ಬರೆದಿಟ್ಟವರು ಬೇರೊಬ್ಬರು
ಆದರೆ ಈಗ ನಮ್ಮ ಇತಿಹಾಸ ನಾವೇ ಸೃಷ್ಟಿಸಿ ನಾವೇ ಬರೆಯೋಣ.

ಬಿಡುವಿನಲ್ಲಿ, ಹೌದು....ಬಿಡುವಿನಲ್ಲಿ
ವಿಚಾರಗಳನ್ನು ಅಗೆಯೋಣ, ಇತಿಹಾಸವನ್ನು ಹುಡುಕೋಣ
ನಿರ್ಜೀವತೆಯಲ್ಲಿ ಮತ್ತೆ ಜೀವತುಂಬೋಣಾ
ಇತಿಹಾಸದಲ್ಲಿ ಕಳೆದುಹೋದ ನಮ್ಮ ಹೆಸರನ್ನು ಹುಡುಕೋಣ
ಬಿಡುವಿನಲ್ಲಿ, ಹೌದು.... ಬಿಡುವಿನಲ್ಲಿ ಇದೆಲ್ಲ ಕಂಡಿತ ಮಾಡೋಣ

ಈಗ ಕಾಲ ಬಂದಿದೆ ... ಹೌದು, ಈಗ ಕಾಲ ಬಂದಿದೆ
ಭವಿಷ್ಯದೆಡೆಗೆ ನೋಡಿ, ವರ್ತಮಾನವನ್ನು ಸೃಷ್ಠಿಸಿ
ನಿರ್ಜೀವಿಗಳನ್ನಲ್ಲ ಜೀವಂತರನ್ನು ಉದ್ದರಿಸಿ

ಬನ್ನಿ ನಾವೆಲ್ಲರೂ ಸೇರಿ ಒಂದು ನವ ನಾಡು ಕಟ್ಟೋಣ`
ಅದರಲ್ಲಿ ಎಲ್ಲರೂ ಸ್ವತಂತ್ರರು ಹಾಗು ಸಮಾನರಿರಬೇಕು
ಪರಸ್ಪರ ಬಂಧುತ್ವವಿದ್ದು ಎಲ್ಲರಿಗೂ ನ್ಯಾಯ ಸಿಗಬೇಕು
ಅಂತಹ "ಅಶೋಕ ರಾಜ್ಯ" ಕಟ್ಟೋಣ
ನಮ್ಮ ಹೆಸರು ಪ್ರಜ್ವಲಿಸಲಿ ನಮ್ಮ ಸಮಾಜ ಅಮರವಾಗಲಿ
ಅರಿತುಕೊಳ್ಳಿ.....ನಿಶ್ಚಯಿಸಿಕೊಳ್ಳಿ ....ಇತಿಹಾಸವನ್ನು ಈಗ ರಚಿಸೋನ್...

Original written by S.L. Akkisagar... 
Translated by Seema Aarella

Pls think Kuruba .. Lets build our sweet Home and banni Ithihasa Rachisona...
  _Sathya Prakash - President, Kurubara Sene