Sunday, January 30, 2011

संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक...

संगोळी रायन्ना की दफनभूमि

नंदगड-बेलगाम मे संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक!

संगोळी गावका रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक !

संगोळी रायन्ना की दफनभूमि कोराष्ट्रीय स्मारकघोषित करो !

- महादेव जानकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय समाज पक्ष

नंदगड, जि. बेलगाम (दि. २६-०१-२०११) : राष्ट्र भर मेंप्रजासत्ताक दिनके रूप में मनायी जाने वाली २६ जनवरी, पिछ्ले तीन साल से नंदगड, ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) में एक नितांत अनोखे तरीके से मनायी जाती है. आज से ठीक १८० साल पहले ब्रिटिश साम्राज्यवादियों द्वारा कित्तुर महाराणी चेन्नमा के राज को खालसा कर के कैद करने का मूंहतोड जवाब देने वाले संगोळी गांव के शूरवीर सेनानी रायन्ना को विद्रोही करार देकर नंदगढ में पेड पर लटका कर फांसी दी गयी थी. १५ अगस्त, १७९८ में जन्मे संगोळी गाव के रायन्ना अंग्रेजो के शासन के प्रति तीव्र घृणा करते थे. अपने राष्ट्र को गुलामी से मुक्त करवाने के लिये वे अपने चुनंदे साथियों के साथ संघर्ष चला रहे थे. ये चुनंदे साथीओ मे मुस्लिम, जैन, मराठा, बेडर, लिंगायत, सुनार, जंगम आदि अलग-अलग जाती और धर्म के लोग थे. रायन्ना का जन्म एक मेहेनतकश धनगर/कुरबर (गडरिया-मेषपाल) परिवार में हुआ था. अंग्रेज शासन के सामने संघर्ष का ब्युगल बज चुका था. रायन्ना अपने समय के माने हुए योद्धा थे. छत्रपती शिवाजी के बाद रायन्ना को छापामार लढाई में कारगर माना जाता है. लंबे अरसे की लुकाछिप्पी के बाद वे अंग्रेज सेना द्वारा पकडे गये. जनसामान्य आक्रोश से भर उठा. मगर साम्राज्यवादी शासकने उनको विद्रोही ठहरा कर दि. २६ जनवरी, १८३१ के रोज फांसी दे दी. रायन्ना के उनके साथी बाळा नायक, बसलिंगाप्पा करबसप्, भिमा जिद्दीमनी, केंचप्पा आप्पोजी नायक इनको भी फांसी दी गयी. ऐसा अनजान इतिहास है हमारे मातृभूमि को आझाद करवाने के लिये स्वयं के प्राणो के बलिदान करने वाले भूलाये गये नरबंको का. जिसे अलग-अभिनव तरहसे पिछ्ले तीन साल से याद किया जा रहा है.

आझादी के ६० से ज्यादा साल के बाद भी आज भारतवर्ष का आम आदमी भूखा-प्यासा और बेबस दशा में श्वास ले रहा है. ऍसा क्यों हैं ? उसका जवाब राष्ट्रीय समाज का भारत में शासन नही होना है. और उसका इलाज सिर्फ राष्ट्रीय समाज का अपना दल बना कर लोकतांत्रिक संसदिय पद्धति से मत प्राप्ति द्वारा राष्ट्र में समता, स्वातंत्र्य, न्याय और भाइचारायुक्तइन्सानियत का बोलबाला करने वाली शासन स्थापना की आवश्यकता को मद्दे नजर रखते हुए संगोळी रायन्ना के सच्चे वारिसदार मान. महादेव जानकर ने स्वयं का निजी जीवन को दांव/होड में लगा कर राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की हैं.

राष्ट्रीय समाज को जागृत करने की कामगिरी आपने महाराष्ट्र राज्य से शुरू की. राष्ट्रीय समाज और उसके बहुमूल्य मत को राष्ट्रीय समाज पक्ष का आधार बनाने के लिये वे महाराष्ट्र तक ही खुद को सिमीत नही रखते हुये कर्नाटक, झारखंड, बिहार, असम, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों की समदु:खी जातियों का बना राष्ट्रीय समाज को जोडने का कार्य बडे उत्साह से कर रहें हैं.

आज से तीन साल पहले राष्ट्रीय शहीद संगोळी रायन्ना का इतिहास ढुंढ कर, सन २००8 के दिसंबर में ऋण अदायगी के रूप में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधान में राष्ट्रीय प्रजा प्रतिनीधियों द्वारा उनका राज्याभिषेक का कार्यक्रम का आयोजन किया. बसवेश्वर कि पुण्यभुमी कुडलसंगमसे राष्ट्रीय समाज पक्ष द्वारा समाज संगम यात्रा का आयोजन किया गया था. महाराष्ट्र और कर्नाटक में बहने वाली नदियों से कुंभ मे पानी लेकर लोग आये और उस पानी के अभिषेक द्वारा संगोळी रायन्ना का सर्व प्रथम राज्याभिषेक नंदगड में किया गया. उस साल से नंदगड मे सच्चा स्वातंत्र्य जल्द से जल्द सुलभ हो, ऐसी उमदा चाहना रखने वाले लोगोंका सहज रूप से तांता लगने लगा. तबसे 26 जनवरी के दिन संगोळी रायन्नाका राज्याभिषेक वर्धापन दिन के स्वरूप मनाया जाने लगा. इस साल नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष की ओर से संगोळी रायन्नाके तिसरे राज्याभिषेक वर्धापन दिन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

बुद्धवार, दि. २६ जनवरी, २०११. : समय सुबह .०० बजे. स्थल :

संगोळी रायन्ना के दफनभूमि, मु. नंदगड,ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) :

महादेव जानकर ( राष्ट्रीय अध्यक्ष : राष्ट्रीय समाज पक्ष ) के करकमलों से, स्थानिक संरक्षक मान. शंकरराव चौहाण (मराठा) की सहायता से संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक हुआ. ठीक ८.३० बजे नंदगड के प्रवेश द्वार पर चौक में स्थित प्रतिमा को पुष्पमाला का अर्पण किया गया. ठीक 9.00 बजे स्थानिक पुलिस कर्मी, स्कूल के बच्चों द्वारा भव्य सलामी व ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगीत के साथ कार्यकम का समापन हुआ.

ठीक ११ बजे संगोळी रायन्ना की दफनभूमि के पटांगण मे जाहिर सभा औरराष्ट्रीय समाज का शासन क्यों और कैसे ?’ विषय पर परिसंवाद का आयोजन किया गया. ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित रहने वाले और परिसवाद में राष्ट्रीय जन प्रतिनीधियों के तौर पर उपस्थित लोगों में बेलगाम के भूतपूर्व मेयर मान. यल्ल्प्पा कुरबर, बेडर-रामोशी समाज के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, समाजिक अग्रणी डॉ. भीमराव गस्ती, भूतपूर्व पुलिस अधिकारी एवं वरिष्ठ सामाजिक अग्रणी मान. जी. एस. हिट्टनगी, दिवंगत माजी संसद सदस्य डी. के. नायकरजी की धर्मपत्नी श्रीमती यल्लम्मा नायकर, कर्नाट्क जे. डी. एस. के वरिष्ठ नेता मान. जे. के. रझा, ज्येष्ठ सत्य शोधक मान. यल्लप्पा अप्पुगोळ, ‘कर्नाटक कुरबा संघ के मान. लक्षमणराव चिंगळे (माजी अध्यक्ष), सुप्रसिद्ध साहित्यकार चंद्रकांत बिजर्रगी, मान. पुंडलिक मामा काळे ( आर.एस.पी., अध्यक्ष : महाराष्ट्र), मान. ऍड. शफिक परकार (संगठक, : आर.एस.पी.), मान. प्रा. सुभाष भींगे (महासचिव, आर.एस.पी.), मान. ललितभाइ पटेल (अध्यक्ष, : आर.एस.पी., गुजरात), मान. गणेशराम देवासी (अध्यक्ष : आर.एस.पी., कर्नाटक), कनक सेवा संघ के अग्रणी एस डी मुरगोड, लोकजन शक्ति पार्टी के नेता मान. मोहनराव अडसूळ, मान. दशरथ राउत (आर.एस.पी. नेता), मान. रझिया बसरीकट्टी ( अध्यक्षा खानापुर तालुका महिला फ्रंट, आर.एस.पी.), मान. युसुफ पठाण (अध्यक्ष, आर.एस.पी., खानापुर तालुका), मान. एस. एल. अक्किसागर (अध्यक्ष: ऑल इन्डिया आर.बी.आइ. .बी.सी. एम्पलोइज एसोशियेशन) इत्यादि का समावेश था.

परिसंवाद मे व्यक्त राष्ट्रीय जन प्रतिनिधीयों के विचार :

यल्लाप्पा अप्पुगोल (ज्येष्ट सत्यशोघक नेता) - भारत स्वतंत् होकर 60 साल बित गये. लेकिन गरीब तथा पिछडोको न्याय नहीं मिला. महादेव जानकर और उनका राष्ट्रीय समाज पक्ष देशकी सत्ता हाथ में लेने कबिल बने यही मेरी शुभेच्छा है.

भीमराव गस्ती ( प्रसिद्ध लेखक तथा बेडर / रामोशी नेता) – संगोळी रायान्नाके साथ बेडर/रामोशी समाज के लोग बडी पैमानेमे थे. बल्की धनगर और बेडर समाजकि दोस्ती का इतिहास बड़ा पुराना है. अशिक्षा तथा गलत धारणाओंके कारण पिछडे समाजका खुब नुकसान हुआ है. इसलिये जनजाग्रुती करनी होगी.

जे के रेझा (जे. डी. ऍस.- वरिष्ठ नेता)-जाती, धर्म, भाषा, तथा प्रांतोमे विभाजीत भारतीय समाजको ' एकात्म राष्ट्रीय समाज ' बनानेके एक बडे कार्यमे महादेव जानकरजी लगे हुये है.

लक्ष्मणराव चिंगळे( भुतपुर्व अध्यक्ष कुरबर महासंघ कर्नाटक राज्य) - महादेव जानकर धनगर / कुरबा समाज के लिये ही नहीं बल्की पुरे भारतीय समाज को प्राप्त एक रत्न है. महादेव जानकर अगर चुनके आते तो महाराष्ट्र की ही नही बल्की भारतकी राजनिती का स्वरुप आज बदला हुवा नजर आता. एमपी बन कर संसदमे जाऊंगा और भारतका पंतप्रधान बनुंगा, ऐसा धेय्य सामने रखनेवाले महादेव जानकर को एमपी बननेसे रोकने के लिये शरद पवार बारामती छोडकर माढा आये थे और जानकरजी के खिलाफ उमीदवारी दाखिल की थी. माढा लोकसभा मतदारसंघमे 6-7 लाख धनगर वोट होने के कारण शरद पवार आखीरतक घबराये हुये थे. मनी-माफीयाका इस्तेमाल बडी मात्रामे करके महादेव जानकर को एमपी बननेसे रोका गया. महाराष्ट्रसे आकर गत 3 सालसे जानकरजी नंदगड आते है. संगोळी रायान्ना राज्याभिषेक समारोह मनाते है. जनजाग्रुती करते है. इसकी सराहना की जानी चाहिये, हम अलग अलग पार्टीओमे काम करते है. बावजुद हमे उनका साथ देना चाहिये. उनके कार्यमे हाथ बढ़ाना चाहिये.

डी. एस. मुरगोड, (कनक सेवा संघ) - केवल आठ दिन पहेले मैने महादेव जानकर इनका नाम सुना. तबसे में उनके बारेमे सुनते आ रहा हुं . आज श्रीमान चिंगळे इनके भाषण द्वारा महादेव जानकरजी के कार्यका परिचय हुवा. इससे महादेव जानकर महाराष्ट्रा के संगोळी रायन्ना हे, ये में कह सकता हुं. जानकरजी के कार्यमे हम जरुर सहाय्यता करंगे.

यल्लाप्पा कुरबर(भूतपूर्व मेयर, बेळगाव महापालीका) - महाराष्ट्रासे आकर संगोळी रायान्ना राज्याभिषेक नियमित रुपसे मनानेवाली रासपा तथा रासपा नेत्रुत्व महादेव जानकर जी कार्यमे साथ देंगे.

यल्लम्मा नायकर (भूतपूर्व एमपी स्वर्गीय डी के नायकर इनकी धर्मपत्नी) नंदगड में संगोळी रायान्नाके स्मारक कि हालत देखकर बहोत दुख्ख हो रहा है. साथ ही साथ रोष भी हो रहा है. कर्नाटक शासन तथा प्रशासन क्या कर रही है? जानकरजी महाराष्ट्रासे आकर संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक मनाते हैं. इसकी तारीफ होनी चाहिये, उनको साथ देना चाहिये.

महादेव जानकर( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष) आद्य स्वराज्य नायक संगोळी गावका रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक है. राष्ट्वीर संगोळी रायन्ना का स्मारक बुरी हालतमे है. मैं 3 सालसे यंहा आ रहा हुं. उसकी हालतमे आजभी कोहि बदलाव नजर नहि आ रहा है. कन्नडवीर ठहराकर उनके राष्ट्र व्यापी कार्यको लिमिट किया जा रहा है. ये सब एक षडयंत्र के तहत किया जा रहा है, ऐसा हमारा मानना है. इस देशमे कुछ लोग पिछे हैं तो कुछ समाज आगे. इस देशमे संगोळी रायन्ना जेसे आद्य स्वातंत्र्य सेनानीकी - स्वराज्य नायककी उपेक्षा की जा रहि है. बल्कि राष्ट्रीय लेवलपर कित्तूर राणी चन्नम्मा इनकि भी उपेक्षा होते मैं देख रहा हुं. ये ऐसा क्यों हो रहा है ? इसका शोध करने के लिये मैने महाराणी अहिल्याबाई होळकर इनके जन्मभुमिमे उनके जयंती दिन के अवसर पर (३१ मइ २००३) राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की. देश स्वतंत्र होकर ६० साल बित गये. लेकिन आज भी नंदगड या संगोळी गावके रायन्ना स्मारक विकास की मांग हमे करनी पड रही है. इससे बड़ा दुर्भाग्य तथा शर्म की कोनसी बात हो सकती है ! बहुसंख्यांक भारतीय जनता स्वातंत्र्य आणि स्वराज्य से दुर तथा परे है. ऐसे उपेक्षित समाज घटकोंके हाथमे देश की सत्ता देनेके लिये मैने राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की है. प्रप्रथम २००८ में मैने नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधानमे संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक कार्यक्रम किया. २००९ मे महाराष्ट्र विधानसभामे मेरी पार्टीका पहेला एमएलए चुनके गया. इस बात को लेकर मुझे कर्नाटक राज्य के लिये विशेष प्रेम और आदर है. लोकसभा चुनाव कर्नाटक राज्यसे लढनेका मैने तय किया है. आप सब वोट का महत्व समझे, आप साथ दे तो इस देशकी सत्ता हम अपने हाथ में ले सकते है. संगोळी रायन्ना के गौरव/सन्मान को संभालते हुये, समाजका विकास भी हम खुद अपने बलबुते कर सकते है. इस बात पर मेरा पुरा विश्वास है.

कार्यक्रम का सुत्र संचालन मान. अशोक ढोणे (आर.एस.पी. युवा नेतृत्व) और मान. शंकर सोनोळी (स्थानिक ज्येष्ट नेता) द्वारा सुचारू तौर से किया गया.

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के आयोजन को अपनी तमाम शक्ति को दाव पर लगा कर सफलता के शिखर तक पहुंचाने वाले मान. हनुमंतप्पा एम. पुजेर (अध्यक्ष, आर.एस.पी., बेलगाम जिल्हा) द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले सभी राष्ट्रिय महानुभावों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया. कार्यक्रम का समापन ३ बजे दोपहर को हुआ.

महादेव जानकरजी के कार्यका परिचय हुवा... महादेव जानकरजी, आप बहोत अच्छा और बहोत बढा काम कर रहे है. मेरा आपको आशिर्वाद है, राष्ट्रीय समाज पक्ष ये बहोत अच्छा नाम है.

-- श्री श्री श्री निरंजननानंद स्वामी, कागिनेली कनकपीठ

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संगोळी रायन्नाच्या नंदगड-बेलगाव

दफन भूमिवर संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक !

संगोळ्ळी गावचा रायन्ना या देशाचा राष्ट्रीय महानायक !

संगोळ्ळी रायन्ना समाधि स्थळालाराष्ट्रीय स्मारकघोषित करा !

- महादेव जानकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष -राष्ट्रीय समाज पक्ष

नंदगड, जि. बेलगाम (दि. २६-०१-२०११) : देश भरात परंतु २६ जानेवारी प्रजासत्ताक दिनाच्या स्वरूपात साजरी केली केली जाते. परंतु मागील तीन वर्षापासुन नंदगड, ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) येथे २६ जानेवारी एका आगळ्या वेगळ्या पद्धतीने साजरी केली जात आहे. आजपासुन ठीक १८० वर्षापुर्वी महाराणी चेन्नमाचे कित्तुर राज्य खालसा करुन तिला कैदेत ठेवनार्या ब्रिटिश साम्राज्यवाद्याना सळो कि पळो करनार्या संगोळी गांवाच्या नरवीर रायन्नाला विद्रोही ठरवुन नंदगड - बेळगाव येथे वडाच्या वर लटकावुन फांसी दिली होती. १५ आगस्ट १७९८ रोजी जन्मलेल्या संगोळी गावच्या रायन्नाला परकिय इंग्रज सरकार बद्धल तीव्र घृणा होती. आपल्या देशाला गुलामी पासुन मुक्ति मिळवण्यासाठी काही निवडक साथीदारांसह रायन्ना यांनी क्रांतिकारी चळवळ उभी केली होती.. या निवडक साथीदारांमध्ये मुस्लिम, जैन, मराठा, बेडर, लिंगायत, सुनार, आदि विविध जाती और धर्माचया लोकांचा सहभाग होता.. रायन्नाचा जन्म एका धनगर/कुरबर (गडरिया-मेषपाल) परिवारात झाला होता. इंग्रज शासनाविरुद्ध सर्वात आगोदर संघर्षाचा ब्युगल संगोळी रायन्नाने वाजविला होता. विजयगरच्या साम्राज्यातील पाळेगार-दंडनायक रायन्ना त्याकाळातील एक श्रेष्ट योद्दा होथे. छत्रपती शिवाजी नंतर रायन्ना याना छापामार लढाई ( गनिमी कावा) बद्धल गौरविले जाते. संगोळी रायन्नाने दिर्घ काळ लढा दिला. शेवटी ब्रिटीश सरकारने रायन्नाला पकडले. जनसामान्यामध्ये तिव्र आक्रोश निर्माण झाला. परंतु साम्राज्यवादी ब्रिटिश शासनाने त्याना विद्रोही ठरवुन दि. २६ जानेवरी १८३१ रोजी फांसी दिली. रायन्ना आणि त्यांचे साथीदार बाळा नायक, बसलिंगाप्पा करबसप्, भिमा जिद्दीमनी, केंचप्पा आप्पोजी नायक याना देखील फांसी दिली गेली. कर्नाटकच्या काही भागात गावा-गावात गायला जाणारा हा इतिहास उर्वरीत भारता पासुन मात्र अनभिज्ञ आहे. भरत मातृभूमिला मुक्त करण्यासाठी ज्यानी आपल्या प्राणाचे बलिदान देनार्या परंतु विस्मरणात टाकलेल्या संगोळी रायन्ना आणि त्यांच्या साथिदारांची आठवण एका आगळ्या वेगळ्या पद्धतीने केली जात आहे. मान. महादेव जानकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय समाज पक्ष यांच्या नेत्रुत्वाखाली राष्ट्रीय समाज पक्षातर्फे राष्ट्रीय प्रजा प्रतिनीधि समवेत संगोळी रायन्नाचा राज्याभिषेक केला जात आहे.

संगोळी रायन्ना आणि त्यांच्या साथिदारांनी देशाच्या स्वातंत्र्य आणि स्वराज्य याचे स्वप्न पाहिले होते. ब्रिटिश गेले परंतु इंडिया मुक्त झाला परंतु भारत मागास झाला. हे असे का? संगोळी रायन्ना आणि त्यांच्या साथिदारांना अभिप्रेत स्वातंत्र्य आणि स्वराज्य भारतीय जनतेला मिळाले नाही, यात त्याचे कारण आहे. भारतात बहुजन राष्ट्रीय समाजाचे राज्य -शासन नाही या मध्ये मागास भारताचे कारण आहे. त्यावर केवळ राष्ट्रीय समाजाची संघटना-पक्ष बनवुन तसेच लोकतांत्रिक संसदिय पद्धतिने मत प्राप्ति करुन या देशात समता, स्वातंत्र्य, न्याय और बंधुत्व युक्त मानवतेचा विचार राबवनारे शासन स्थापन करण्याची आवश्यकता महादेव जानकर यानी ओळखली. 20 व्या वर्षी घरादाराचा त्याग केला. भारतात बहुजन राष्ट्रीय समाजाचे राज्य –शासन स्थापन करने हे एकमेव ध्येय्य ठरविले. 31 मे 2003 रोजी महाराणी अहिल्याबाई होळकर यांच्या जन्म गावी त्याच्या जन्म दिनी संगोळी रायन्नाचे खरे आणि समर्थ वारसदार मान. महादेव जानकर यानी राष्ट्रीय समाज पक्षाची स्थापना केली.

राष्ट्रीय समाजाला जागृत-संघठीत करन्याचे कार्य महादेव जानकर यानी महाराष्ट्र राज्यापासुन सुरु केले. राष्ट्रीय समाज आणि त्यांचे बहुमूल्य मत याला राष्ट्रीय समाज पक्षाचे मुख्य भांडवल मानले. महाराष्ट्रा पुरते कार्य सिमित न ठेवता कर्नाटक, झारखंड, बिहार, असम, गुजरात और राजस्थान आदी राज्यातही समदु:खी जाति-धर्मीयाना राष्ट्रीय समाज बरोबर जोडन्याचे कार्य महादेव जानकर मोठ्या उत्साहात करीत आहेत.

सर्वप्रथम राष्ट्रीय महानायक संगोळी रायन्ना चा इतिहास महादेव जानकर यानी शोधला. सन २००8 च्या डिसेंबर मध्ये राष्ट्रीय ऋण परत फेड स्वरुपात राष्ट्रीय समाज पक्षातर्फे राष्ट्रीय प्रजा प्रतिनीधि समवेत संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक केला गेला. महात्मा बसवेश्वरांची पुण्यभुमी कुडलसंगम येथुन राष्ट्रीय समाज पक्ष तर्फे समाज संगम यात्रेचे आयोजन केले गेले. महाराष्ट्र आणि कर्नाटक राज्यातुन वहानार्या नध्यांमधुन जलकुंभ घेउन लोक आले. या जलकुंभातील पानी द्वारे संगोळी रायन्ना चा पहिला राज्याभिषेक नंदगड येथे केला गेला. तेंव्हापासुन रायन्ना आणि त्यांच्या साथिदारांना अभिप्रेत स्वातंत्र्य आणि स्वराज्य भारतीय जनतेला मिळावे अशी अभिलाषा घेवुन येनार्या लोकांची गर्दी वाढतच आहे. तेंव्हापासुन 26 जानेवरी ला संगोळी रायन्नाचा राज्याभिषेक वर्धापन दिवस एका उत्सवाच्या स्वरुपात साजरा केला जात आहे. या वर्षी देखील नंदगड येथे राष्ट्रीय समाज पक्ष तर्फे संगोळी रायन्नाचा तिसरा राज्याभिषेक वर्धापन दिन मोठ्या उत्साहात साजरा केला गेला. मा. महादेव जानकर बेळगाव येथे 24 ते 26 जानेवारी असा 3 दिवस मुक्काम करतात. विविध नेत्याशी – समाज बांधवांशी गाठीभेठी घेतात. या वर्षी देखील गाठीभेठी घेतल्या. तत्पुर्वी बेळगाव जिल्हा रासप अध्य्क्ष हनुमंताप्पा पुजेर आणि कर्नाटक रासपा अध्यक्ष रामगणेश देवासी यानी कर्नाटक राज्यभर प्रचार केला होता. 25 तारखेच्या संध्याकाळी मा. महादेव जानकर आणि त्यांचे सहकारी नंदगदला पोहोचले. संगोळी रायन्ना समाधीचे पुजारी आणि संरक्षक मा. शंकरराव चव्हाण यांच्या घरचे जेवण घेतले. संगोळी रायन्ना समाधीस्थळी महादेव जानकर यानी मागील 2 वर्षाप्रमाणे रात्र काढली.

बुद्धवार, दि. २६ जनवरी, २०११. : समय सुबह .०० बजे. स्थल :

संगोळी रायन्ना के दफनभूमि, मु. नंदगड,ता. खानापुर, जि. बेलगाम (कर्नाटक) :

मान. महादेव जानकर ( राष्ट्रीय अध्यक्ष : राष्ट्रीय समाज पक्ष ) यांच्या हस्ते आणि संगोळी रायन्ना समाधीचे पुजारी तसेच संरक्षक मा. शंकरराव चव्हाण (मराठा) यांच्या सहकार्याने सकाळी ठीक 8 वाजता संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक कार्यक्रम संपन्न झाला. नंदगड येथील संगोळी रायन्ना पुतळ्यासमोर मा. जानकर यांच्या हस्ते सकाळी ध्वजवंदनाचा कार्यक्रम पोलीस अधिकारी, प्रतिष्टीत नागरिक, विद्यार्थी यांच्या उपस्थित झाले . त्यानंतर झालेल्या रासप आयोजित चर्चासत्रात, राष्ट्रीय समाजाचे स्वराज्य का आणि कसे ? या विषयावर प्रमुख पाहुणे म्हणून श्री जानकर बोलत होते, यावेळी मंचकावर बेळगावचे माजी महापौर यल्लप्पा कुरबर, बेडर / रामोशी समाजाचे ज्येष्ठ नेते आणि लेखक डॉ. भीमराव गस्ती, ज्येष्ठ समाज नेते - माजी पोलीस अधिकारी जि एस हिट्टनगी, माजी खासदार स्वर्गीय डी के नायकर यांच्या पत्नी श्रीमती यल्लम्मा नायकर, जेडीएस चे नेते जे के रेझा साहब, ज्येष्ठ सत्यशोधक यल्लप्पा अप्पुगोल, कर्नाटक कूरबा ( धनगर ) संघाचे माजी अध्यक्ष लक्ष्मनराव चिंगळे, प्रसिद्ध लेखक चंद्रकांत बिज्जरगी, महाराष्ट्र रासपाचे अध्य्क्ष पुंडलीक मामा काळे, महाराष्ट्र रासपाचे संघटक शफिक परकार, महाराष्ट्र रासपाचे महाचिव प्रा. सुभाष भिंगे, गुजरात रासपाचे अध्यक्ष ललितभाई पटेल, कर्नाटक रासपाचे अध्यक्ष रामगणेश देवासी, कनक सेवक संघाचे नेते श्री एस डी मुरगोड, लोकजनशक्ती पक्षाचे नेते मोहनराव अडसूळ, रासपा नेते दशरथ राउत, श्रीमती रझिया बसरीकट्टी - खानापूर तालुका महिला आघाडी रासप , युसुफ पठाण - खानापूर तालुका अध्यक्ष रासप , वसंत मदारी - नंदगड रासप अध्यक्ष, पत्रकार सुरेश दलाल, प्रबोधनकार गोविंदराम शुरनर, बाबुराव अरगावी , संभाजी हुलगे, सौ. गीता अर्जुन पाटील आदि जनमान्य नेते यावेळी उपस्थित होते.

चर्चासत्रात व्यक्त राष्ट्रीय जन प्रतिनिधींचे विचार :

श्री यल्लाप्पा अप्पुगोल (ज्येष्ट सत्यशोघक नेता) - भारत स्वतंत् होवुन 60 वर्षे झाली. परंतु गरीब आणि मागासाना न्याय मळालेला नाही. महादेव जानकर आणि त्यांचा राष्ट्रीय समाज पक्ष देशाची सत्ता हातात घेण्यास सक्षम बनो हिच माझी सदिच्छा.

डॉ. भीमराव गस्ती ( प्रसिद्ध लेखक तथा बेडर / रामोशी नेता) – संगोळी रायान्ना साथीदारात बेडर/रामोशी समाजाचे लोक मोठया प्रमाणात होते. किंबहुना धनगर आणि बेडर समाजाच्या मैत्रिचा इतिहास खुप जुना आहे.. अज्ञान तथा अंध विश्वासामुळे मागास समाजाचे खुप नुकसान झाले. त्यासाठी जनजाग्रुती करावे लागेल.

श्री जे के रेझा (जे. डी. ऍस.- वरिष्ठ नेता) - विविध जाती, धर्म, भाषा, तथा प्रांतामध्ये विभाजीत भारतीय समाजला ' एकात्म राष्ट्रीय समाज ' बनविन्याचे एक मोठे कार्य महादेव जानकर करीत आहेत.

श्री लक्ष्मणराव चिंगळे( भुतपुर्व अध्यक्ष कुरबर महासंघ कर्नाटक राज्य) -" महादेव जानकर हे केवळ धनगर / कुरबा समाजालाच नव्हे तर भारतीय समाजाला लाभलेले एक रत्न आहे. महादेव जानकर निवडून आले तर महाराष्ट्राचेच नव्हे, भारताच्या राजकारणाचे स्वरूप बदलले असते. भारताचा पंतप्रधान बनण्याचे धेय्य बाळगणाऱ्या महादेव जानकर यांना खासदार होण्यापासून रोखण्यासाठी शरद पवार यांनी माढा येथून जानकर यांच्या विरुद्ध नंतर उमेदवारी अर्ज दाखल केला होता. माढा लोकसभा मतदारसंघात 6-7 लाख धनगर वोट असल्यामुळे कारण शरद पवार शेवटपर्यंत घाबरले होते. मनी-माफीयाचा वापर करुन महादेव जानकर याना खासदार बनन्यापासुन रोखले गेले. गेल्य 3 वर्षापासुन जानकरजी नंदगड येत आहेत. संगोळी रायान्ना राज्याभिषेक समारोह साजरा करीत आहेत. जनजाग्रुती करते है. करीत आहेत. याचे आपण सर्वानी कौतुक ककेले पाहिजे., आम्ही विविध पार्टीत काम करीत असलो तरी त्याना साथ दिली पाहिजे.

श्री डी एस मुरगोड, (कनक सेवा संघ) - '' केवळ आठ दिवसापूर्वी महादेव जानकर यांचे नाव ऐकले. आज श्रीयुत चिंगळे यांच्या कडून महादेव जानकर यांच्या कार्याचा परिचय झाला. त्यावरून महादेव जानकर महाराष्ट्राचे संगोळी रायन्ना असून, त्यांना सर्व प्रकारचे सहाय्य आम्ही केले पाहिजे.

श्री यल्लाप्पा कुरबर(भूतपूर्व मेयर, बेळगाव महापालीका) - महाराष्ट्रातून येवून संगोळी रायान्ना राज्याभिषेक नियमितपणे साजरा करणाऱ्या रासपाचे आणि रासपा नेत्रुत्वाचे मला कौतुक वाटते.

श्रीमती यल्लम्मा नायकर (भूतपूर्व एमपी स्वर्गीय डी के नायकर इनकी धर्मपत्नी) - नंदगड येथील संगोळी रायान्ना समाधीस्थळाची अवस्था पाहुन अत्यंत वाइट वाटते, तसाच राग ही येत आहे. कर्नाटक शासन - प्रशासन काय करीत आहे? जानकरजी महाराष्ट्रातुन येवुन संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक करीत आहेत. याचे मी कौतुक करते. णि सहकार्याचेआश्वासनहि देते..

मा. महादेव जानकर( राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष) - आद्य स्वराज्य नायक संगोळी गावका रायन्ना इस देशका राष्ट्रीय महानायक है. राष्ट्वीर संगोळी रायन्ना का स्मारक बुरी हालतमे है. मैं 3 सालसे यंहा आ रहा हुं. उस हालतमे कोहि बदलाव नजर नहि आ रहा है. कन्नडवीर ठहराकर उनके राष्ट्र व्यापी कार्यको लिमिट किया जा रहा है. ये सब एक षडयंत्र के तहत किया जा रहा है, ऐसा हमारा मानना है. इस देशमे कुछ लोग पिछे हैं तो कुछ समाज आगे. इस देशमे संगोळी रायन्ना जेसे आद्य स्वातंत्र्य सेनानीकी - स्वराज्य नायककी उपेक्षा की जा रहि है. बल्कि राष्ट्रीय लेवलपर कित्तूर राणी चन्नम्मा इनकि भी उपेक्षा होते मैं देख रहा हुं. य ऐसा क्यों हो रहा है ? इसका शोध करने के लिये मैने महाराणी अहिल्याबाई होळकर इनके जन्मभुमिमे उनके जयंती दिन के अवसर पर (३१ मइ २००३) राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की. देश स्वतंत्र होकर ६० साल बित गये. लेकिन आज भी नंदगड या संगोळी गावके रायन्ना स्मारक विकास की मांग हमे करनी पड रही है. इससे बड़ा दुर्भाग्य तथा शर्म की कोनसी बात हो सकती है ! बहुसंख्यांक भारतीय जनता स्वातंत्र्य आणि स्वराज्य से दुर तथा पारे है. ऐसे उपेक्षित समाज घटकोंके हाथमे देश की सत्ता देनेक लिये मैने राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की है. प्रप्रथम २००८ में मैने नंदगड में राष्ट्रीय समाज पक्ष के तत्वाधानमे संगोळी रायन्ना का पहेला राज्याभिषेक कार्यक्रम किया. २००९ मे महाराष्ट्र विधानसभामे मेरी पार्टीका पहेला एमएलए चुनके गया. इस बात को लेकर मुझे कर्नाटक राज्य के लिये विशेष प्रेम और आदर है. लोकसभा चुनाव कर्नाटक राज्यसे लढनेका मैने तय किया है. आप सब वोट का महत्व समझे, आप साथ दे तो इस देशकी सत्ता हम अपनी हाथ में ले सकते है. संगोळी रायन्ना के गौरव/सन्मान को संभालते हुये समाजका विकासभी हम खुद अपने बलबुते कर सकते है. इस बात पर मेरा पुरा विश्वास है.

लोकजनशक्तीचे नेते मोहनराव अडसूळ यांनी महादेव जानकर यांच्या नेतुत्वातून घडून आलेल्या राजकीय झंझावताबद्दल सभेला ओळख करून दिली. याशिवाय इतर मान्यवर वक्त्यांनी चर्चासत्रात भाग घेतला. महाराष्ट्र तसेच कर्नाटक राज्यातील विविध भागातून संगोळी रायन्ना राज्याभिषेकाचा रा वर्धापनदिन साजरा करण्यासाठी मोठ्या संख्येने लोक आले होते. श्री शंकर सोनोळी आणि अशोक ढोणे यांनी कार्यक्रमाचे सुत्र संचालन केले. बेळगाव जिल्हा रासपचे अध्य्क्ष हनुमंताप्पा पुजेर यांनी उपस्थितांचे स्वागत केले आणि आभार मानले. बेळगाव जिल्हा रासप अध्य्क्ष हनुमंताप्पा पुजेर आणि कर्नाटक रासपा अध्यक्ष रामगणेश देवासी यानी हा कार्यक्रम यशस्वी करण्यासाठी खुप मेहनत घेतली. 3 वजता कार्यक्रम संपला. त्यनंतर महादेव जानकर यानी आद्दय स्वराजनायक यांच्या संगोळी गावाला भेत दिली. गावकर्यानी तयाचे स्वागत केले. मंचकावरुन त्यांचे भाषण झाले. आणि महादेव जानकर पुढील गावी रवाना झाले.

श्री श्री श्री निरंजननानंद स्वामी, कागिनेली कनकपीठ यांचा आशिर्वाद

कागिनेली कनकपिठाचे जगतगुरु श्री श्री श्री निरंजननानंद स्वामी यांचे बरोबर राष्ट्रीय समाज पक्षाचे राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. महादेव जानकर यांनी फोनवरुन संपर्क साधला. संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक कार्यक्रमाचे निमंत्रण दिले. त्यावेळी श्री निरंजननानंद स्वामी आशिर्वाद देताना म्हणाले, महादेव जानकरजी, आप बहोत अच्छा और बहोत बढा काम कर रहे है. मेरा आपको आशिर्वाद है. राष्ट्रीय समाज पक्ष ये बहोत अच्छा नाम है.

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Sangoli Rayanna Rajyabhishek

In Nadgad by Rashtriya Samaj Party

Sangolli Rayanna –The Great National Hero!

Sangolli Rayanna Samadhi - Nandgad is National Memorial!

– Mahadev Jankar- National President - Rashtriya Samaj Party

Belgaum, Karntaka (26-01-2011): The 3rd coronation ceremony of Sangoli Rayanna was celebrated with a great enthusiasm by the Rashtriya Samaj Party at Nandgad-Khanapur in Belgaum district of Karnatak . The national President of Rashtriya damaj Party Shri Mahadev Jankar said on this occasion that as Sangoli Rayanna is foremost Independence Warrior of India he is Great National Hero of India. So Sangolli Rayanna Samadhi Nandgad is National Memorial. Government of India shold give the status of National Memorial to Sangolli Rayanna Samadhi of Nandgad. RSP will strive to declare Rayanna of the village Sangoli, as the Great National hero of India. He further said that,"some people are very advanced while some other is very backwards in this country of ours. Why is that so? I have founded Rashtriya Samaj Party to find out the reason. The foremost independence warrior Hero like Sangoli Rayanna is being neglected in this country and we are compeled to demand for developing a memorial in Nandgad or the village Sangolli. I have founded the party, RSP, to hand over the political power of the nation to the deprived and the neglected people of the society. First coronation ceremony of Sangoli Rayanna was organised in 2008 in Nandgad by the RSP. First MLA of Rashtriya Samaj Party was elected to Maharshtra Legislative Assembly in 2009. For this reason, I have a special affection and respect towards Karnataka state". Shri Mahadev Jankar, who had contested for Loksabha against Maharashtra’s heavy weight political leader Sharad Pawar in Madha constituency, declared to contest forthcoming Loksabha election from Karnataka.

The program commenced in the morning with hoisting of the National Flag in front of the statue of Sangoli Rayanna at Nandgad in the mammoth presence of police officers, social dignitaries and students.

Shri Mahadev Jankar was speaking on the subject “Swarajya : Why and How” as the chief Guest in the seminar organized by the RSP immediately afterwards. On the occasion Ex-Mayor of Belgaum Shri Yellappa Kurubar, senior leader and litterateur of Bedar/Ramoshi community Dr. Bhimerao Gasti, senior leader and ex-police officer Shri G S Hittanagi, wife of ex-MP late Shri D.K. Nayakar Smt. Yellamma Nayakar, leader of JDS Shri Ad. J. K Raza, senior scholar Shri Yellappa Appugol, ex-president Karnatak Kurubar Sangh Shri Laxman Rao Chingle, eminent writer Shri Chandrakant Bijjargi, president Maharashtra RSP Shri Pundlik Mama Kale, organizer Maharashtra RSP Shri Ad.Shafique Parkar, General Secretary Maharashtra RSP, Shri Prof, Subhash Bhinge, president Gujrat RSP Shri Lalit Bhai Patel, president Karnatak RSP , Shri Ram Ganesh Devasi, leader of Kanak Sewa Sangh Shri S D Murgod, leader of Lok Jan Shakti Party Shri Mohan Rao Adsul, Shrimati Razia Basarikatti of Khanapur Taluka RSP Mahila Brigade, Taluka president RSP Khanapur, Shri Yusuf Pathan, Nandgarh RSP president Shri Vasant Medar, journalist Shri Suresh Dalal, Social activist Shri Govind Rao Surnar, Shri Baburao Argavi and Smt. Geeta Arjun Patil were the dignitaries present on the Dias. Many of them took part in the seminar on the subject on the occasion of Sangoli Rayanna Rajyabhishek and put their opinion before the gathering.

People from all the parts of Maharashtra and Karnataka states attended the 3rd coronation ceremony of Sangoli Rayanna. The program was conducted by Shri Shankar Sonoli and Shri Ashok Dhone. Shri Hanumantappa Pujer, the president of RSP Belgaum, concluded the program by his concluding speech. Shri Hanumantappa Pujer, President Belgaum RSP & Shri Ram Ganesh Devasi President Karnatak RSP worked hard to make success this program.

(प्रस्तुति: विश्वाचा यशवंत नायकफिचर सर्विस)

संगोळी रायन्ना राज्याभिषेक, काही छायाचित्रे >>>